विजयदशमी पर विशेष,,
श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम ने बुराई के प्रतीक रावण का अंत कर अन्याय पर न्याय की विजय की पताका फहराई थी
दैनिक म्हारो स्वदेशसंपादक भगत सिंह चौहान,,,,,,,, हम आज विजयदशमी का पर्व की खुशियों से प्रफुल्लित है इसका श्रेय हमारे उन पूर्वजों को जाता है जिन्होंने धर्म की रक्षा की राष्ट्र का गौरव बनायाश्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे उन्होंने बुराई के प्रतीक रावण का अंत कर अन्याय पर न्याय की विजय की पताका फहराई थी उनकी वीरता के कारण ही हम आज विजयदशमी का पर्व मनाने लायक है अन्यथा हम कभी सोच भी नहीं सकते थे निशा चारों से लेक तक संकटों का दौर जारी है हम रावण का पुतला दहन केवल इसलिए करते हैं कि बुराइयों से हम सदा लड़े रावण का पुतला इस बात का प्रतीक है विजयदशमी पर देशभक्तों महापुरुषों राष्ट्र वीरों के सम्मान का दिन भी है इस दिन वीर योद्धाओं और महापुरुषों का सम्मान किया जाना चाहिए क्योंकि सतयुग से लेकर आज तक महापुरुषों वीर योद्धाओं की बदौलत ही हम जी रहे हैं भारत भूमि ऐसी पावन भूमि है यहां पर ऋषि मुनि तपस्वी से लेकर स्वयं ईश्वर ने इस भूमि पर जन्म लेकर इस भूमि को धन्य किया है यहां भूमि वीर योद्धाओं महापुरुषों की कर्मभूमि रही है यहां पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने जन्म लिया श्री कृष्ण जन्म लिया गीता का उपदेश दिया धर्म की रक्षा व राष्ट्र के गौरव के लिए पृथ्वीराज चौहान राणा सांगा महाराणा प्रताप शिवाजी ने अपनी वीरता दिखाई रानी पद्मावती ने भी अपने सतीत्व का जोहर दिखाया और अपनी वीरता दिखाएं अंग्रेजों को खदेड़ने में महारानी लक्ष्मीबाई ने लोहा लेकर अपनी वीरता दिखाई तात्या टोपे बहादुर शाह जफर ने अपने दोनों बेटों को बलि चढ़ा दी किंतु अंग्रेजों के आगेगे नहीं झुके स्वयं को भी फांसी पर झूला दिया राजा महेंद्र प्रताप बरकतउल्ला नेताजी सुभाष चंद्र बोस राम बिहारी बोस करतार सिंह सराभा भगत सिंह उधम सिंह चंद्रशेखर आजाद राजगुरु सुखदेव जैसे अनगिनत वीर योद्धाओं ने अपनी वीरता का प्रदर्शन किया भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व निछावर किया उन्हीं के त्याग बलिदान की वजह से हम आज विजयदशमी का पर्व मना रहे हैं श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे उन्होंने बुराई के प्रतीक रावण का अंत कर अन्याय पर न्याय की विजय पताका फहराई