*खाद्य सुरक्षा विभाग के दल ने किया रिलायन्स मॉल का निरीक्षण*

*गुणवत्ता की जाँच के लिये रसगुल्ला, पनीर व टोस्ट के लिये नमूने*



हरदा / मिलावट से मुक्ति अभियान अंतर्गत कलेक्टर श्री संजय गुप्ता के निर्देशानुसार सोमवार को जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन और नगर पालिका के संयुक्त दल द्वारा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फ़ूड कंप्लेंट रजिस्टर, नियर एक्सपायरी कार्नर, खाद्य लायसेंस, खाद्य पदार्थाे की एक्सपायरी देखी गयी। गुणवत्ता और शुद्धता की जाँच हेतु पनीर, टोस्ट, रसगुल्ला और मिर्च पावडर के नमूने जाँच हेतु लिए गए हैं, जिन्हें जाँच हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा, रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री जे.पी. लववंशी ने बताया कि त्यौहार को देखते हुए विभाग द्वारा लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों की जाँच की जा रहीं हैं।


*मेधावी छात्राओं को दी जाती है 5000 रूपये की वार्षिक प्रोत्साहन राशि*

हरदा के उद्देष्य से गाँव की बेटी योजना संचालित की जाती है। इस योजना के अन्तर्गत जिन छात्राओं ने कक्षा 12वीं परीक्षा ग्रामीण क्षेत्र से न्यूनतम 60 प्रतिशत से उत्तीर्ण की हो उन्हें एक मुस्त 5000 रू. वार्षिक की प्रोत्साहन राषि दी जाती है। इसी तरह शहरी क्षेत्र की छात्राओं को उच्च षिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के उद्देष्य से प्रतिभा किरण योजना संचालित की जाती है। इस योजना के तहत जिन छात्राओं ने कक्षा 12वीं परीक्षा शहरी क्षेत्र के विद्यालयो से न्यूनतम 60 प्रतिशत से प्राप्तांक से उत्तीर्ण की हो उन्हें भी एक मुस्त 5000 रू. वार्षिक की प्रोत्साहन राषि प्रदान की जाती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जन कल्याण षिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत ग्राम सेवा के पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित कर्मकार के बच्चों को शैक्षणिक शुल्क से पूर्ण छूट दी गई है।


*स्वरोजगार हेतु मुद्रा योजना के तहत मिलेगा 10 लाख रू. तक का ऋण*


हरदा / प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, भारत सरकार की लोक प्रिय स्वरोजगार योजना है। इस योजना के तहत गैर-कार्पोरेट एवं गैर कृषि कारोबार से आमदनी करने के लिये लोगों को विनिर्माण, व्यापार और सेवा गतिविधियों के लिये 10 लाख रूपये तक का ऋण दिया जाता है। महाप्रबन्धक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र हरदा श्री के.आर. उइके ने बताया कि मुद्रा योजना के अर्न्तगत वाणिज्य बैंकों, ग्रामीण बैंक, एमएफआई, एनबीएफसी और लघु वित्त बैंकों द्वारा मुद्रा ऋण दिये जाते है। प्रदेश में भारत सरकार की सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने की लोक प्रिय योजना मुद्रा लोन योजना की व्यापकता को और बढ़ाया जाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में छोटे उद्यमियों तथा कारोबारियों को बैंकों अथवा वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण  दिये जा रहे है। इसी क्रम में हरदा जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर बैंकों द्वारा 16 अक्टूबर से 15 नवम्बर 2021 तक क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रमों में मुद्रा योजना के अंतर्गत मुद्रा ऋण के प्रकरण बनाये जा रहे है। विनिर्माण, व्यापार और सेवा गतिविधियों के लिये 10 लाख तक के ऋण के लिये इच्छुक व्यक्ति सीधे जिले की अपने क्षेत्र की संबंधित बैंक में  सम्पर्क कर प्रकरण तैयार करा सकते है। 


*जनसुनवाई में कलेक्टर श्री गुप्ता ने 40 नागरिकों की समस्याएं सुनी*


हरदा / कलेक्टर श्री संजय गुप्ता ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिये। इस दौरान उन्होने 40 नागरिकों की समस्याएं सुनी। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री जे.पी. सैयाम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राम कुमार शर्मा, डिप्टी कलेक्टर सुश्री राजनंदिनी शर्मा सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी भी मौजूद थे। (


*राज्य स्तरीय टास्क फोर्स में हरदा के ए.पी.सी. श्री शर्मा नामांकित*

हरदा / राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक धनराजू एस. के द्वारा फॉउंडेशनल लिटरेसी एन्ड न्यूमेरेसी मिशन के लिये पाँच सदस्यीय राज्य स्तरीय एकेडमिक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस राज्य स्तरीय टास्क फोर्स में जिला शिक्षा केंद्र हरदा के एपीसी विवेक कुमार शर्मा को एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेटर सदस्य के रूप में नामांकित किया गया है। उल्लेखनीय है कि बच्चों की प्रारम्भिक शिक्षा में भाषा और गणित के कौशल का विकास करने और दिशा निर्देश देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान मिशन आरंभ किया है।*1 नवम्बर को समारोह पूर्वक मनाया जायेगा मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस*

हरदा / आगामी 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की थीम पर केन्द्रित होगा। भोपाल में लाल परेड ग्राउन्ड पर सायं 6ः30 बजे से आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रसारण जिला मुख्यालय पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाकर किया जाएगा ताकि स्थानीय नागरिक भी इसे देख सकें। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय पर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिये जनभागीदारी अभियान विषय पर केन्द्रित गायन, वादन, नृत्य, मैराथन दौड़, रैली, प्रभातफैरी व वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला मुख्यालय पर स्थित सभी प्रमुख शासकीय भवनों व ऐतिहासिक स्मारकों पर 1 नवम्बर की रात्रि में प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, गणमान्य नागरिकों, धर्म गुरूओं, विद्यार्थियों, स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों व लोकतंत्र सैनानियों तथा उनके परिजनों को आमंत्रित करने के निर्देश भी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिये गये है। 


*कृषि मंत्री श्री पटेल ने उर्वरक संबंधी कैलेण्डर का अनावरण किया*

*डी.ए.पी. व पोटाश के अलावा अन्य विकल्पों पर भी किसान विचार करें*

हरदा / कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री कमल पटेल ने सोमवार को कृषि विज्ञान केन्द्र तथा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा तैयार किये गये विभिन्न उर्वरक के विकल्पों की पोषक तत्व अनुसार अनुशंसित मात्रा की गणना संबंधी कैलेण्डर का अनावरण किया। मंत्री श्री पटेल ने इस दौरान कृषको के लिए संदेश दिया गया कि, किसान भाई यूरिया, डी.ए.पी. एवं पोटाश के अतिरिक्त अन्य विकल्पों पर विचार कर अपनायें, जिससे संतुलित उर्वरक प्रबंधन कर मृदा की उर्वरता एवं उत्पादकता को संरक्षित करें। इस कैलेण्डर को सभी निजी विक्रेताओ, सेवा सहकारी समितियों एवं ग्राम पंचायतों में लगाया जायेगा साथ ही इसके पोस्टर भी गांवो में दीवारों पर लगाये जायेगें। 

उपसंचालक कृषि श्री एम.पी.एस. चन्द्रावत ने बताया कि रबी की बुवाई का कार्य चालू हो चुका है, ऐसे में अच्छे बीज के साथ-साथ संतुलित पोषक तत्वों के प्रबंधक का भी अपना अलग ही महत्व है। जब पोषक तत्वो के प्रबंधन की बात आती है तो किसान भाईयो को सबसे पहले जो उर्वरक दिखते है, डीएपी और यूरिया है। इन दोनो उर्वरको से पौधो को केवल दो पोषक तत्व ही मिलते है नाइट्रोजन और फॉस्फोरस। जब हम डीएपी का प्रयोग करते है तो हमे केवल दो पोषक तत्व नाइट्रोजन 18 प्रतिशत और फॉस्फोरस 46 प्रतिशत ही मिलते है जबकि इसके स्थान पर अगर सिंगल सुपर फॉस्फेट का उपयोग किया जाए तो हमें 3 पोषक तत्व फॉस्फोरस 16 प्रतिशत, कैल्शियम 21 प्रतिशत और सल्फर 11 प्रतिशत मिलते है। सल्फर जैसे तत्वों की पूर्ति के लिए हमें अतिरिक्त धन खर्च करने की जरूरत नही पड़ती है। अगर प्रति किलोग्राम पोषक तत्वों पर खर्च किये जाने वाले धन की बात की जाए तो डीएपी से प्राप्त होने वाले प्रति किलोग्राम पोषक तत्व पर तुलनात्मक रूप से सर्वाधिक खर्च होता है।

इसके अतिरिक्त मुख्य पोषक तत्व यथा नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटाश प्रतिपूर्ति हेतु अन्य विकल्पों जैसे - यूरिया $ एन.पी.के. 12ः32ः16 $ पोटाश या यूरिया $ एन.पी.के. 14ः35ः14 $ पोटाश या यूरिया $ एन.पी.के. 28ः28ः0 $ पोटाश या यूरिया $ एन.पी.के. 20ः20ः0 $ पोटाश या यूरिया $ एन.पी.के. 10ः26ः26 $ पोटाश आदि पर भी कृषक विचार कर सकते है। किसान पौधों की रोग एवं कीट प्रतिरोधक क्षमता के उन्नयन एवं चमकदार व बोल्ड दाना प्राप्त करने के लिये अनुशंसित मात्रा में पोटाश का उपयोग अवश्यक करें। 


*विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी सावधानी बरतें*

हरदा 26 अक्टूबर 2021/ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आम जनता से कहा कि करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आम जनता को जागरूक होना पड़ेगा। इस संबंध में कंपनी ने सुरक्षा संबंधी मापदंड जारी किए हैं। विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से विद्युत लाईनों से धरातल और भवनों से सुरक्षित दूरी आदि के लिए केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा मापदंड निर्धारित किये गये हैं। जारी मापदण्ड अनुसार ऐसा क्षेत्र जहाँ वाहन, टैफिक न हो, वहाँ जमीन से कंडक्टर की दूरी एल.टी. लाईन में 4.6 मी., 11 के.व्ही. लाईन में 5.2 मी. तथा 33 के.व्ही. लाईन में 5.2 मीटर निर्धारित है। सड़क क्रासिंग करती विद्युत लाईनों के निचले कंडक्टर की जमीन से दूरी एल.टी. लाईन में 5.8 मी., 11 के.व्ही. लाईन में 6.1 मी. तथा 33 के.व्ही. लाईन में 6.1 मीटर निर्धारित है। किसी मकान के ऊपर से गुजरने वाली लाईन के निचले कंडक्टर एवं मकान के सबसे ऊँपर हिस्से के बीच की दूरी एल.टी. लाईन में 2.5 मी., 11 के.व्ही. लाईन में 3.7 मी. तथा 33 के.व्ही. लाईन में 3.7 मीटर निर्धारित है। 

आम जनता से अपील है कि अपने आवासीय परिसर अथवा स्थापनाओं से विद्युत लाइनों की दूरी उपरोक्तानुसार रखें। निम्नदाब और मध्यदाब स्थापनाओं में प्रायः व्यक्ति विद्युतमय चालक के सीधे सम्पर्क में आता है, जबकि उच्च दाब स्थापनाओं में वह विद्युतमय चालक से सीधे सम्पर्क में आने के पूर्व ही फ्लेश ओव्हर डिस्टेंस में आने से स्पार्क हो कर झुलस जाता है। इस प्रकार दुर्घटना का घातक तथा गैर घातक होना दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के “डिग्री ऑफ बर्न्स” पर निर्भर रहता है। निम्नदाब अथवा मध्यदाब स्थापनाओं में सुरक्षा के लिए साधारणतया केवल फ्यूज लगाए जाते हैं। साधारण फ्यूज अपनी क्षमता से अधिक करंट बहने पर ही गर्म हो कर पिघल जाता है, इसमें कुछ समय लगता है और यही समय “दुर्घटनाग्रस्त” होने के लिए घातक सिद्ध होता है, परन्तु अर्थिंग सही हो तो फ्यूज अतिशीघ्र उड़ जाता है। इसी कारण से विद्युत स्थापनाओं में अर्थिंग व्यवस्था अति महत्वपूर्ण हो जाती है। घरेलू स्थापनाओं में विद्युत दुर्घटनाएँ मुख्यतः वायरिंग एवं फिटिंग में खराबी आने से तथा उपकरणों में खराबी आने से लीकेज या शार्ट-सर्किट के कारण होती है। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि वे आई.एस.आई. मार्क के उपकरण ही उपयोग में लाएँ। 

*विद्युत सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान दें*

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आम लोगों को विद्युत सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान देने को कहा है। कंपनी ने कहा है कि भवन निर्माण, कॉलोनी के निर्माण और रोड के विस्तार के दौरान अक्सर यह देखने में आया है कि बिजली के खम्बों को सड़क के बीच में खड़ा कर दिया जाता है या कालोनी के विद्युतीकरण के दौरान कालोनाइज़र अपनी सुविधा से बिजली के खम्बों को लगा देता है तथा सड़क विस्तार के दौरान सड़क को ऊँचा कर दिया जाता है। इस दौरान विद्युत सुरक्षा के मापदण्डों का ध्यान नहीं रखा जाता है। कई बार यह पाया जाता है कि रोड ऊँची कर ली जाती है परन्तु बिजली के खम्बों से रोड के बीच का विस्तार और दूरी को ध्यान में नहीं रखा जाता तथा सुरक्षा के नियमों को अनदेखा कर दिया जाता है। फलस्वरूप दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि भवन निर्माण और विस्तार के दौरान यदि कोई भवन निर्माता अथवा संस्था निर्धारित प्रावधान के अनुसार काम नहीं करता है तो संबंधित संस्थाओं अथवा व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए। 



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