महाराणा सेना ने श्रद्धांजलि अर्पित कर  शहादत को नमन किया। 


हरदामणिपुर जिला गठन के बाद सुगनू मार्केट में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए अमर शहीद दीपसिंह चौहान निवासी रातातलाई को हरदा महाराणा सेना , सामाजिक बंधु गांववासियों ने उनके गृहग्राम में  शहीद स्मारक एवं शहीद गैलरी   हरदा पहुंचकर  पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया। 


 20 सितंबर 2003, को 132 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल मणिपुर राज्य के सुगनू मार्केट, जिला थोबाल में उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में तीन उग्रवादियों को मार कर शहीद हो गए थे।


संभाग की पहली शहीद गैलरी अमर शहीद दीप सिंह चौहान  के नाम 2005 में नगरपालिका ने निर्मित कराई। जिले के पहले शहीद रातातलाई के दीप सिंह चौहान के बलिदान से युवाओं को हमेशा प्रेरणा मिलती रहे, इस उद्देश्य से नगरपालिका ने उन्हीं के नाम पर ऐतिहासिक शहीद नाम रखा।





हंडिया तहसील के रातातलाई में जन्मे दीप सिंह चौहान ने हरदा के शासकीय बहुउद्देशीय उमा विद्यालय (अब उत्कृष्ट विद्यालय) में 1995 से 99 तक पढ़े। 2002 में वे बीएसएफ में सीमा रक्षक के पद पर भर्ती हुए। मणिपुर के थांबोल में उनकी पोस्टिंग हुई। 20 सितंबर 2003 को मणिपुर जिला मुख्यालय के सुगनू मार्केट में ड्यूटी पर थे। तभी वहां अचानक आतंकियों ने हमला कर दिया। उन्होंने 3 आतंकियों को अपनी सूझबूझ व पराक्रम से ढेर कर दिया था।


2005 में शहीदों की याद में  शहीद गैलरी बनाई गई।  

2006 से शहीदों की याद में अमर शहीद ज्योति प्रज्वलित हो रही है।  अब शहीद गैलरी को अमर शहीद दीप सिंह चौहान के नाम से जाना जाता है। जो हरदा की शान है।

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