।
*स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को काफी सुविधाएं मिलने लगेंगी*
हरदा/ कलेक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि आगामी 6 अक्टूबर को हरदा में स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि का हक वितरण का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में हरदा के स्टेडियम में आयोजित होगा। उन्होने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में भूमि का मालिक होने के बावजूद भू स्वामियों के पास स्वामित्व संबंधी कोई प्रमाण-पत्र नहीं होता था, जिसकी वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानी होती थी। अब ग्रामीणजन स्वामित्व योजना का लाभ लेकर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित अपने मकान का मालिकाना हक पा सकेंगे और अचल सम्पत्ति के विरूद्ध बैंक से ऋण भी प्राप्त कर सकेंगे।
जिला लीड बैंक प्रबन्धक गिरीश तिवारी ने बताया कि भूमि स्वामित्व अधिकार अभिलेख प्राप्त होने पर संबंधित व्यक्ति को डायवर्सन की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होने बताया कि भूमि स्वामित्व अधिकार अभिलेख के माध्यम से नाम का हस्तांतरण अर्थात परिवर्तन भी अब हो सकता है तथा जमीन बेची जा सकती है। स्वामित्व योजना का लाभ मिलने के बाद अब भू स्वामि अपनी भूमि पर मकान बनाने के लिये सामान्य गृह ऋण भी ले सकता है। स्वामित्व योजना का लाभ लेने वाला कोई भी ग्रामीण अब ग्रामीण क्षेत्र में स्थित भूमि को गिरबी अर्थात प्रतिभूति पर रख सकता है।
*एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करेगा फोर्टिफाइड चावल*
हरदा/ फोर्टिफाइड चावल मानव शरीर में एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह ने प्रदेश में राइस फोर्टिफिकेशन पायलट योजना को लांच करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुसार वर्ष 2024 तक फोर्टिफाइड राइस राशन की दुकानों से वितरित कराया जायेगा एवं बच्चों को मध्यान्ह भोजन में फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री तरुण पिथोड़े ने कहा कि “चावल फोर्टीफिकेशन’’ के लिए यह एक आदर्श योजना है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में फोर्टिफाइड चावल को शामिल करने से राज्य में आबादी की पोषण स्थिति में सुधार के लिए एक स्थायी और कम लागत का प्रभावी तरीका उपलब्ध होगा। वर्ष 2006 से न्यूट्रिशन इंटरनेशनल, मध्यप्रदेश सरकार के साथ काम करने वाला एक वैश्विक पोषण संगठन है। फ़ूड फोर्टिफिकेशन को एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और पोषण अभियान के माध्यम से एनीमिया को कम करने के लिए एक कम लागत वाले प्रभावी हस्तक्षेप के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई है। उपलब्ध विभिन्न खाद्य पदार्थों के फोर्टीफिकेशन में, भिन्न सूक्ष्म पोषक तत्वों को वितरित करने के लिए चावल को एक उत्कृष्ट खाद्य पदार्थ माना जाता है, क्योंकि भारत में 65 प्रतिशत भारतीय चावल का सेवन करते हैं और भारत में प्रति व्यक्ति चावल की खपत 6.8 किलोग्राम प्रति माह है।
आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया मध्यप्रदेश के लिए चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि 6 से 59 महीने के 68.9 प्रतिशत बच्चे, प्रजनन आयु की 52.5 प्रतिशत महिलाएँ, 54.6 प्रतिशत गर्भवती महिलाएँ और 10 से 19 वर्ष की आयु के 21.2 प्रतिशत किशोर एनीमिया से पीड़ित हैं। एनीमिया मुक्त भारत अभियान और पोषण अभियान को सघन रूप से लागू करके राज्य सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। राज्य भर में लागू आयरन और फोलिक एसिड पूरक कार्यक्रम गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं, किशोर लड़कियों-लड़कों और बच्चों तक पहुँचने में सफल रहा है। सरकार को उम्मीद है कि फूड फोर्टिफिकेशन से राज्य में एनीमिया को कम करने में भी मदद मिलेगी।
*‘‘।