जिले की सभी गौशालाओं में गायों के लिये बेहतर व्यवस्था करें -कलेक्टर श्री गुप्ता

हरदा / सभीअगस्त  गौशालाओं में रहने वाले गौवंश के लिये बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। गौशालाओं में पशु क्रूरता अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए। गौशालाओं से संबंधित अधूरे निर्माण कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। यह निर्देश कलेक्टर श्री संजय गुप्ता ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में गौशाला संचालकों व पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को दिये। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन डॉ. राम कुमार शर्मा, विधायक प्रतिनिधि श्री सुयोग सोनी, उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. एस.के. त्रिपाठी सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिले की कुल 9 गौशालाओं के लिये उनकी पशु संख्या के मान से चारा, भूसा व सुदाना के लिये 13.80 लाख रूपये का आवंटन किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री गौसेवा योजना के तहत जिले के ग्राम छिदगांव, मगरधा व नीमसराय में महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित 3 गौशालाओं में गायों के भूसा व चारे के लिये 5.19 लाख रूपये का आवंटन किया गया। इन तीनों गौशालाओं में कुल 285 गौवंश पंजीबद्ध है। 

कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में निर्देश दिये कि गौशालाओं में उपलब्ध पशुधन की संख्या व वहाँ उपलब्ध सुविधाओं का सत्यापन पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित एसडीएम के माध्यम से कराया जाए। उन्होने पशु चिकित्सकों के माध्यम से सभी गौशालाओं में पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी उपस्थित अधिकारियों को दिये। कलेक्टर श्री गुप्ता ने हंडिया में निर्माणाधीन गौशाला का कार्य काफी समय से लंबित होने पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकारियों के प्रति सख्त नाराजगी प्रकट की तथा अगले तीन दिनों में इस गौशाला में तार फेंसिंग व सीमांकन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। 

किस गौशाला को कितनी राशि मिली

दयोदय पशुधन संरक्षण समिति गौशाला को 205 पशुओं के लिये 123000 रूपये आवंटित किया गया। इसी तरह सीताराम रामचन्द्र धर्मादा सदावर्त संस्थान हरदा गौशाला को 111 पशुओं के लिये 66600 रूपये, कामधेनु गौशाला समिति धनपाड़ा टिमरनी गौशाला को 171 पशुओं के लिये 102600 रूपये, श्री गौमुख मठ भादूगांव (गंजाल) टिमरनी गौशाला को 127 पशुओं के लिये 76200 रूपये, श्री बजरंगदास कुटी गौसेवा समिति छीपानेर गौशाला को 61 पशुओं के लिये 36600 रूपये, श्री योग वेदान्त सेवा समिति कामधेनू गौशाला चारखेड़ा को 119 पशुओं के लिये 71400 रूपये, आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला भादूगांव को 276 पशुओं के लिये 165600 रूपये, दयोदय गौशाला समिति पोखरनी को 245 पशुओं के लिये 147000 रूपये तथा श्री गुप्तेश्वर गौशाला समिति, हरिपुरा चारूवा को 833 पशुओं के लिये 499800 रूपये आवंटित किये गये। इस प्रकार जिले की कुल 9 गौशालाओं को 2148 पशुओं के लिये 13.80 लाख रूपये आवंटित किये गये। 


सौर ऊर्जा से आंगनवाड़ी केन्द्र रौशन करने हेतु एक और दानदाता ने दिया दान

हरदाकलेक्टर श्री संजय गुप्ता के मार्गदर्शन में सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों के विभागीय भवनों को सौर ऊर्जा से रोशन करने में जिला प्रशासन लगा हुआ है। इस अभियान में हरदा जिले के समाजसेवी व दानदाता भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और आंगनवाड़ियों में सोलर पैनल के लिए राशि दान कर रहे हैं। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि ये सोलर पैनल आंगनवाड़ी को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करेंगे, ये स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में हरदा का एक बड़ा कदम है एवं यह देश के सतत विकास लक्ष्यों की पूर्ति की दिशा में ज़िले का प्रयास है। ज़िले के समाजसेवी, शासकीय अधिकारी कर्मचारी तो इस अभियान से जुड़ ही रहे हैं, साथ ही मध्यम वर्गीय परिवारों से भी लोग अपनी छोटी छोटी बचतों को आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए दान कर रहे हैं, जिससे कि आंगनवाडी के बच्चों को रोशनी और पंखे की सुविधा मिल सके। इसी क्रम में एलआईजी कॉलोनी हरदा निवासी डॉ. अभिषेक गुर्जर द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र पर सौलर पैनल लगाने हेतु  7613 रूपये की नगद राशि जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय त्रिपाठी को सौंपी गई। उल्लेखनीय है कि जनभागीदारी के इस अभियान के तहत अभी तक जिले के 300 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं और यह कार्य निरंतर चल रहा है।


प्रधानमंत्री उज्जवला योजना -2.0 

उपभोक्ता को गैस सिलेण्डर का पहला रिफिल व गैस चूल्हा निशुल्क मिलेगा  

हरदा/ प्रधानमंत्री उज्जवला योजना 2.0 के तहत निर्धन परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदाय किये जाना है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत नवीन गैस कनेक्शन जारी किये जाने पर सभी पात्र हितग्राहियों को डिपॉजिट फ्री कनेक्शन के साथ-साथ गैस सिलेण्डर का प्रथम रिफिल एवं गैस चूल्हा भी निःशुल्क प्रदान किये जायेंगे। कलेक्टर श्री संजय गुप्ता ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये है कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर उन्हें लाभान्वित करें।

जिला आपूर्ति अधिकारी श्री के.एस. पेन्ड्रो ने बताया कि उज्जवला 2.0 के अंतर्गत ऐसी वयस्क महिला गैस कनेक्शन प्राप्त करने के लिये पात्र होगी, जो कि गरीब परिवार से संबंध रखती है एवं जिसकी गृहस्थी में किसी प्रकार का गैस कनेक्शन स्थापित नहीं है तथा जो एस.इ.सी.सी. 2011 की सूची अनुसार पात्र हो, अनुसूचित जाति अथवा जनजाति गृहस्थी, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, अंत्योदय अन्न योजना, वनवासी, अति पिछडा वर्ग, चाय और पूर्व चाय बागान जनजातियाँ, द्वीप एवं नही द्वीप में निवासरत हो। इस प्रकार इन सभी 7 श्रेणियों में से किसी एक से संबंध रखती हो, को पात्र माना जाएगा। आवेदक को इसके लिये पात्र श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। यदि आवेदिका इन श्रेणियों अंतर्गत नहीं आती है, एवं गरीब गृहस्थी से संबंध रखती है तो योजना का हितग्राही होने के दावे के रूप में 14 बिन्दुओं का घोषणा पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

उज्जवला 2.0 योजना के अंतर्गत नामाकंन के लिये आवेदिका को मानक प्रारूप में विधिवत हस्ताक्षर एवं फोटो युक्त केवायसी फार्म, पहचान का प्रमाण, निवास का प्रमाण पत्र, आवेदिका के आधार की प्रति, परिवार के समस्त वयस्क सदस्यों के आधार की प्रति, आवेदिका के बैंक खाते का विवरण, राशन कार्ड अथवा समग्र आईडी, आवेदिका प्रवासी होने की स्थिति में परिवार संयोजन की जानकारी संबंधी स्व-घोषणा पत्र, यदि आवेदिका उपरोक्त 7 श्रेणीयों से संबंध रखती है, तो पात्र श्रेणी का प्रमाण पत्र, गरीब गृहस्थी से संबंधित होने के दावे के रूप में 14 बिन्दुओं का घोषणा पत्र दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।



स्कूलों में प्रति वर्ष आयोजित होगा संस्कृत सप्ताह

हरदा/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। जो व्यक्ति तथा संस्थाएँ संस्कृत के लिए कार्य कर रहे हैं उन्हें अब इसीलिए संरक्षण देने और उनके प्रयासों के विस्तार के लिए भी राज्य सरकार द्वारा कार्य किया जाएगा। संस्कृत के माध्यम से ही भारतीय संस्कृति के संचित ज्ञान को अगली पीढ़ी तक ले जाया जा सकता है। प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रति वर्ष संस्कृत सप्ताह आयोजित किया जाएगा।





सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार हेतु 30 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन

हरदा/ आत्मा परियोजना के अन्तर्गत संचालित कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020-21 हेतु जिले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य एवं अभियांत्रिकी गतिविधियों से संबंधित, कृषकों एवं आत्मा अंतर्गत गठित, कृषक समूहों से 30 अगस्त 2021 तक आवेदन आमंत्रित किए है।

जिला-स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार अलग-अलग गतिविधि में 10 कृषक को 25-25 हजार, इसी तरह विकासखण्ड स्तरीय 5 कृषक को 10-10 हजार, तथा 5 समूहों को 20-20 हजार के पुरस्कार मूल्यांकन समिति द्वारा कृषक द्वारा अपनाई गई उन्नत तकनीकी, उपज, उत्पादकता के आधार पर उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए चयनित कृषक एवं कृषक समूहों को प्रदान किये जाएंगे। आवेदन पत्र एवं विस्तृत जानकारी कार्यालय परियोजना संचालक ’’आत्मा’’ एवं संबंधित विकासखण्ड के कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास 

लकड़ी और बाँस उत्पादक किसानों को अब ऑनलाईन लायसेंस मिलेंगे

हरदा  प्रदेश के वन विभाग में लकड़ी और बाँस उत्पादक किसानों और परिवहन कर्ताओं को परमिट प्राप्त करने और नाके पर होने वाली कठिनाईयों को मद्देनजर अब अनुज्ञा पत्र ऑनलाईन मिल सकेंगे। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नेशनल ट्रांजिस्ट पास सिस्टम के तहत प्रायोगिक रूप से मध्यप्रदेश और तेलंगाना राज्य का चयन किया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि परमिट जारी करने के लिए “एप्लिकेशन एप” लाँच किया गया है। इसमें वनोपज व्यापारी और किसान लकड़ी-बाँस के अंतर्राज्जीय के साथ राज्य के भीतर परिवहन के लिए ऑनलाईन अनुज्ञा प्राप्त कर सकेंगे। ऑनलाईन यह सुविधा होने से वन विभाग के संबंधित कार्यालय में चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ परिवहन लागत और समय की बचत से व्यापारियों को लाभ मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नई व्यवस्था यह होगी

वन विभाग द्वारा विकसित “एप्लिकेशन वेब पोर्टल” और “मोबाईल एप” के माध्यम से लकड़ी और बाँस परिवहन के लिए ऑनलाईन पंजीकरण कर आवेदन कर ई-भुगतान प्रणाली से भुगतान भी कर सकेंगे। मोबाईल एप की मदद से मूल स्थान से गंतव्य स्थल तक राज्य की सीमाओं पर निर्वाध रूप से परिवहन किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि देश में लकड़ी, बाँस और अन्य वनोपजों के परिवहन अलग-अलग राज्यों के विभिन्न कानूनो और नियमों पर आधारित है। एक राज्य में जिस वनोपज को मुक्त रखा गया है वहीं दूसरे राज्य में इसके लिए अनुज्ञा पत्र प्राप्त करना आवश्यक है। इस व्यवस्था में बदलाव लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पारगमन पास प्रणाली लागू होने से पूरे भारत में एक परमिट की सुविधा प्रदान की जाएगी। वन बल प्रमुख श्री गुप्ता ने बताया कि इस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए विभाग ने ट्रांजिस्ट नियमों में जरूरी संशोधन कर नए नियम राजपत्र में 13 मई 2021 को प्रकाशित कर दिए गए हैं। ऑनलाईन पंजीकरण और आवेदन से संबंधित समग्र जानकारी ढीजजचेरू//दजचे.दपब.पदझ और ढीजजचेरू//उचवितमेज.हवअ.पद/भ्वऋव्नजमत/स्ैऋछज्च्ै.ंेचगझ लिंक पर उपलब्ध है।



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