मां नर्मदा संरक्षण
मां नर्मदा संरक्षण
मां नर्मदा कहकर बुलाते हो
आस्था से जल लाते हो सब
कुछ जानते हो जीवनदायिनी भी
मानते हो गंदगी फिर क्यों डालते
हो स्वार्थ के कारण मां के आंचल
को छलनी क्यों करवाते हो ऐसे
नालायको को दंड क्यों नहीं दिलवा ते हो
संपादक भगत सिंह चौहान