Posts

Showing posts from January, 2021

सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शत शत नमन

"तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा" यह केवल एक नारा नहीं था   'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' यह केवल एक नारा नहीं था। इस नारे ने भारत में राष्ट्रभक्ति का ज्वार पैदा किया, जो भारत की स्वतंत्रता का बहुत बड़ा आधार भी बना। इस नारे को भारत में ही नहीं बल्कि समस्त भू मंडल पर प्रवाहित करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस वह नाम है जो शहीद देशभक्तों के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा है। सुभाष चंद्र बोस की वीरता की गाथा भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सुनाई देती है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की कथनी और करनी में गजब की समानता थी। वे जो कहते थे, उसे करके भी दिखाते थे। इसी कारण नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कथनों से विश्व के बड़े दिग्गज भी घबराते थे। सुभाष चंद्र बोस की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि भारत के लोग उन्हें प्यार से 'नेताजी' कहते थे। उनके व्यक्तित्व एवं वाणी में एक ओज एवं आकर्षण था। उनके हृदय में राष्ट्र के लिये मर मिटने की चाह थी। उन्होंने आम भारतीय के हदय में इसी चाह की अलख जगा दी। नेताजी के हर कदम से अंग्रेज सरकार घबराती थी।   सुभाष चन्द्र बोस ...

म्हारो स्वदेश

Image
भारत के वीर सपूत की जयंती पर शत-शत नमन   स्वतंत्रता संग्राम में भारत माता के अनगिनत सपूतो ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत माता को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराया | आजादी की लड़ाई में भारत के सभी प्रदेशो का योगदान रहा | अंग्रेजो को भारत से भगा कर देश को जिन वन्दनीय वीरो ने आजाद कराया उनमे सबसे कम उम्र के बालक क्रांतिकारी अमर शहीद हेमू कालाणी (Hemu Kalani) को भारत देश कभी नही भुला पायेगा | हेमू कालाणी सिन्ध के सख्खर (Sukkur) में २३ मार्च सन् १९२३ को जन्मे थे। उनके पिताजी का नाम पेसूमल कालाणी एवं उनकी माँ का नाम जेठी बाई था। हेमू बचपन से साहसी तथा विद्यार्थी जीवन से ही क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहे | Hemu Kalani हेमू कालाणी जब मात्र 7 वर्ष के थे तब वह तिरंगा लेकर अंग्रेजो की बस्ती में अपने दोस्तों के साथ क्रांतिकारी गतिविधियों का नेतृत्व करते थे | 1942 में 19 वर्षीय किशोर क्रांतिकारी ने “अंग्रेजो भारत छोड़ो ” नारे के साथ अपनी टोली के साथ सिंध प्रदेश में तहलका मचा दिया था और उसके उत्साह को देखकर प्रत्येक सिंधवासी में जोश आ गया था |Hemu Kalani हेमू समस्त विदेशी वस्तुओ का बहिष्क...