हरे आम के वृक्षों की विनाश लीला जारी
हरे आम के वृक्षों की विनाश लीला जारी पहले पैसा फेंकते हैं फिर करते अवैध कटाई हरदा फलों के राजा राष्ट्रीय फल आम के हरे वृक्षों की अवैध रूप से का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है हरदा जिले में जबसे प्लाईवुड कंपनी की स्थापना हुई तब से ही हरे आम के वृक्षों की इस कदर शामत आई है कि आए दिन हरे आम के वृक्ष काटे जा रहे हैं अब कई वन माफिया इंदौर तक हरे आम के बच्चों को काटकर ट्रक से भेज रहे हैं वन विभाग का कहना है आम राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है और राजस्व विभाग इस ओर ध्यान नहीं देता वहीं फर्जी तरीकों से कुछ लोग आम की छटाई के नाम ले देकर परमिशन ले लेते हैं इस प्रकार हरे वृक्षों की अंधाधुंध कटाई का दौर चल रहा है वन विभाग राजस्व विभाग पुलिस विभाग सभी को अपना अपना हिस्सा ठेकेदार दे देते हैं या हमारा कहना नहीं है वन माफियाओं का कहना है हम फोकट में हरे वृक्षों की कटाई नहीं करते पहले संबंधित विभाग को पैसा फेंकते हैं फिर ऐसा कार्य करते हैं पूर्व में हरे वृक्षों की कटाई को लेकर समाचार छपा था जब एसडीएम साहब खिड़कियां के प्रभारी थे उस समय एसडीएम ने समाचार पत्र को बधाई देते हुए कहा था आप जागरूकता का कार्य करें यह अच्छी पहल है पर्यावरण को बचाने की जब स्वयं अब हरदा मुख्यालय में पदस्थ है ऐसे में हर रोज हरे आम के ट्रैक्टर आते है और कलेक्ट्रेट के पीछे प्लाईवुड फैक्ट्री में सुबह 5:00 बजे तथा रात में आती है वहीं कई और ठेकेदार हैं जो हरे आcम के वृक्षों को काटकर इंदौर भेजते हैं हरदा जिले में पूर्व में आम की नदियां आम के फलों से गलि यो में गुठली नजर आती थी अब देसी आम नजर भी नहीं आते अगर आते भी हैं तो बहुत महंगे दर पर मिलते हैं क्योंकि हम आम के हरे वृक्षों की विनाश लीला के कारण हरदा जिला आने वाले समय में आम के वृक्ष से विहीन कहलायेगा जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि आम के वृक्षों की विनाश लीला पर अंकुश लगाने का सफल प्रयास करे