स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरूष नसबंदी पखवाड़े

 


स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरूष नसबंदी पखवाड़े


स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरूष नसबंदी पखवाड़े के सफल आयोजन हेतु 25 नवंबर सोमवार को टीकाकरण सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई।


    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.सी. चौरसिया ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत पुरूषों की भागीदारी बढ़ाये जाने के लिये शासन के निर्देशानुसार पुरूष नसबंदी पखवाड़ा 21 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2019 तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरूषों की भागदारी सुनिश्चित करने के लिये यह आवश्यक है कि अधिक से अधिक पुरूष नसबंदी ऑपरेशन हो सकें। समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण कर विभागीय मैदानी अमले द्वारा लोगों को पुरूष नसबंदी के लाभ व पुरूषों की भागीदारी परिवार नियोजन कार्यक्रम में क्यों आवश्यक है, इससे अवगत कराया गया। परिवार की अधिकांश जिम्मेदारियां महिलाओं पर निर्भर होती हैं, लोगों को पुरूष नसबंदी के लिये प्रेरित करने के पीछे, सीएमएचओ डॉ. चौरसिया ने बताया कि शासन की मंशा है कि परिवार की जिम्मेदारी में पुरूषों की भी भूमिका हो, पुरूषों के सहयोग के बिना परिवार नियोजन कार्यक्रम को वांछित सफलता नहीं मिल सकती। समाज में महत्वपूर्ण निर्णय पुरूषों द्वारा लिये जाते हैं, इसलिये उन्हें पुरूष नसबंदी के माध्यम से परिवार नियोजन अपनाने के लिये समझाना जरूरी है। पखवाड़े के दौरान प्रथम चरण 21 से 27 नवम्बर तक मोबेलाईजेशन अथवा सामाजिक जागरूकता की गतिविधियां सम्पादित की जा रही हैं। जिसमें मैदानी कार्यकर्ताओं के माध्यम से निरंतर संबंधित परिवारों से सम्पर्क कर पुरूष नसबंदी हेतु योग्य हितग्राहियों को प्रेरित करने का कार्य व इच्छुक दम्पत्तियों का चिन्हांकन किया जा रहा है।
    डॉ. चौरसिया ने निर्देशित किया कि सेवा प्रदायगी स्थल पर विधिवत कर्मचारियों के अलग-अलग दायित्व निर्वहन हेतु आदेश जारी किये जाएं। हितग्राहियों के लाने ले जाने की उचित व्यवस्था एक ही रूट के अनुसार करें। समस्त नियमों का पालन करते हुऐ सेवा प्रदायगी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। परिवार नियोजन कार्यक्रम को गंभीरता से ले एवं शत् प्रतिशत लक्ष्य की उपलब्धि हेतु संपूर्ण प्रयास करें। सेक्टर स्तर पर बैठकों का आयोजन करें एवं स्थानीय आवश्यकतानुसार कार्य योजना बनाएं।
    डॉ. चौरसिया ने बताया कि पुरूष नसबंदी ऑपरेशन करवाने पर हितग्राही को दो हजार रूपये की क्षतिपूर्ति राशि एवं साथ में लाने वाले प्रेरक को दो सौ रूपये की राशि प्रदाय की जाती है। पखवाड़े का द्वितीय चरण अर्थात सेवा प्रदायगी 28 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2019 तक प्रदाय किया जायेगा। जिला चिकित्सालय बैतूल में प्रति शनिवार परिवार नियोजन के ऑपरेशन किये जा रहे हैं। इस वर्ष पुरूष भागीदारिता हेतु टेग लाईन के रूप में ''पुरूषों की अब है बारी, परिवार नियोजन में भागीदारी'' स्लोगन का प्रयोग किया जा रहा है।
        बैठक को जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. आर.के. धुर्वे एवं जिला मीडिया अधिकारी श्रीमती श्रुति गौर तोमर ने भी संबोधित किया


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